While some networks focus only on showing the negative picture of India, we at 69NN never desist from showing the positive things in life. And to prove that we today bring to you the story of a man who chose great suffering instead of paying bribe. [The letter is right now only in Hindi, but somebody from the translation desk will probably give a translation soon.]
प्यारे मित्रों,
आज भी मेरी आँखें ख़ुशी से छलछला जाती हैं, जब मैं उन क्षणों को याद करता हूँ. मेरा मन गर्व से भर उठता है और ह्रदय में ख़ुशी की एक लहर सी दौड़ जाती है के किस प्रकार मैंने और मेरे दोस्तों ने पुलिस को रिश्वत देने से इनकार कर दिया था.
बात २० साल पुरानी है.
उस रात मै और मेरे दोस्तों ने एक लड़की का बलात्कार (जिसको gang rape भी कहते हैं) किया था. ये तो आप सब लोग जानते ही हैं के बलात्कार करने में बहुत मज़ा आता है – और गैंग रेप की तो बात ही कुछ और है.
खैर, बात को और न भटकते हुए, आपको बताऊँ की आगे क्या हुआ. हमने बलात्कार के बाद उससे बांद्रा की एक सड़क के किनारे छोड़ दिया. आप भी कहेंगे की ये क्या बेवकूफी है बलात्कार के बाद कही लड़की को जिंदा छोड़ा जाता है. पर दोस्तों जवानी चीज़ ही ऐसे होती है, जिसमें आदमी की बुधि भ्रष्ट हो जाती है. यदि हमें फिरसे मौका मिले तो उस लड़की का बलात्कार करने के बाद उसे कभी जिंदा न छोडें. खैर जैसा की कहते हैं, अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गयी खेत.
आगे कहानी बढ़ाते हुए,
तो दोस्तों वो लड़की पुलिस के पास चली गयी – उसपर इस बात का कोई अहसान ही नहीं था की हमने उसे जिंदा छोड़ दिया, धोखेबाज़, कमीनी, अहसान-फरामोश.
पुलिस ने जैसा के होता है, हमसे ५०००० रूपये रिश्वत में मांगे. (वो लोग जो बलात्कार के case में कितनी राशि देनी पड़ सकती है जानने के लिए आये हैं, उन्हें बता याद दिला दूं के ये 2० साल पुरानी घटना है, इससे आज की कीमतों का अंदाजा ना लगाना. आज कल के महंगाई दौर में आपको ३-४ लाख रुपया झटकना पड़ सकता है.)
इसके बाद, हम लोगों ने आपस में विचार विमर्श किया, और इस नतीजे पे पहुचे के हम लोग रिश्वत कतई नहीं देंगे. रिश्वत और भ्रष्टाचार देश की प्रगति में बाधक है. भारत के उज्वल भविष्य को अन्धकार में ले जाने वाला ज़हर है. हमारे प्यारे देशवाशियो के नाम पर एक कलंक है. और हम सब भारत्वशियों को इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए.
हम लोगो ने रिश्वत देने से साफ़ इनकार कर दिया. नतीजतन हमें १०-१० साल की सजा हुई.
कुछ लोग शायद इस कहानी पर हंसें और कहें के हम लोग बेवकूफ थे की हमने रिश्वत देने से इनकार कर दिया – और हमें शायद ताने दें. पर देश पर मर मिटने वाले ऐसे लोगो के कटाक्षों और तानों की परवाह नहीं करते. हमें अपने पे गर्व है की हमने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया.
यदि आप मित्रों से भी मेरा विनम्र निवेदन है की यदि आप में से किसी ने भी बलात्कार किया है, और पुलिस रिश्वत मांग रही है, तो कतई रिश्वत ना दें और देश की प्रगति में भागिदार बने.
आपका अपना,
अज्ञात
The same is available here (at the moment of writing, this).
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Tags: 2011, India, Indian politics, Problems Facing India, Sleep, Sojaare, War against corruption
Posted by slash_blog













I have read this post, and am wrenched with anger at it. WHAT IS WRONG with you? I can only hope that this is a prank posting, else god save our country
We need more people like you, who put country before self. Great to hear your story buddy. My Hindi is not perfect, so had a little problem understanding the whole of it. But I got the gist of it. Good job!!
I sincerely hope this is a joke. Even so, it is of the sickest kind. What kind of a person are you? This is your idea of the country’s progress? I am ashamed that vermin like you crawl about in my glorious country. Since this happened 20 years ago, I guess you are old. I hope you die in the worst possible manner.